पत्थर के सनम..
पत्थर के सनम..
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मेरे रूखे सनम,
तेरी याद लिए,
घूमता इधर उधर,
नहीं टकराता तू,
मेरे रूखे सनम....
काश तुझे भी,
एहसास होता,
कोई तुझ पे,
दिन रात मरता,
नहीं उसका बस चलता,
मेरे रूखे सनम....
अगर मालूम होता,
तू इतना कठोर,
कभी नहीं बढ़ता,
तेरी ओर,
अपने आपसे,
करता शिकवा,
मेरे रूखे सनम....
अब तो आजा,
हमें भी,
चैन दिला जा,
बहुत तरसे हैं,
तेरे मिलने को,
अब नहीं सहा जाता,
तेरे बिन नहीं रहा जाता,
मेरे रूखे सनम........
फिल्म- पत्थर के सनम।
