माता पिता।
माता पिता।
1 min
202
सालो पहले की बात थी,
एक अंधेरी रात थी।
घर पर मैं और माँ,
साथ में भाई और पापा।
सर्दी से छूटी कपकपी,
लेकिन अब चिंता नहीं।
हम सब मन बहला रहे थे,
माता की आरती गा रहे थे।
समय कट गया देखते देखते
याद जब भी आये उठते-बैठते।
फिर आंखें भर आती हैं,
माता-पिता के साथ यह राते,
फिर कहाँ मिल पाती है।
