STORYMIRROR

Akanksha Gupta (Vedantika)

Others

3  

Akanksha Gupta (Vedantika)

Others

माता पिता।

माता पिता।

1 min
203

सालो पहले की बात थी,

एक अंधेरी रात थी।

घर पर मैं और माँ,

साथ में भाई और पापा।


सर्दी से छूटी कपकपी,

लेकिन अब चिंता नहीं।

हम सब मन बहला रहे थे,

माता की आरती गा रहे थे।


समय कट गया देखते देखते

याद जब भी आये उठते-बैठते।

फिर आंखें भर आती हैं,

माता-पिता के साथ यह राते,

फिर कहाँ मिल पाती है।


Rate this content
Log in