हे ईश्वर तेरा ये उपहास किसलिए पीर क्यों जग उदास सहमा उपवन छाया कुहास हे ईश्वर तेरा ये उपहास किसलिए पीर क्यों जग उदास सहमा उपवन छाया कुहास
आखिर खिला था एक गुलाब मेरे आंगन में मेरी बगिया में...! आखिर खिला था एक गुलाब मेरे आंगन में मेरी बगिया में...!
बहार के आने से, ये सूना बाग़ हुआ गुलज़ार, पाखी की, ये कलरव सुनी, भंवरों की गुन्जार! बहार के आने से, ये सूना बाग़ हुआ गुलज़ार, पाखी की, ये कलरव सुनी, भंवरों की गु...
ए परम पिता त्वम् शरणनम मुक्त कर इस माया से जन्म! ए परम पिता त्वम् शरणनम मुक्त कर इस माया से जन्म!
आपकी जिंदगी में आने वाला हर पल अच्छा रहे, यही हम प्रार्थना भगवान से करें। आपकी जिंदगी में आने वाला हर पल अच्छा रहे, यही हम प्रार्थना भगवान से करें।
एक लफ्ज़ ना कह पाए जिन्हें उन्हें ग़ज़ल लिखी हो जैसे! एक लफ्ज़ ना कह पाए जिन्हें उन्हें ग़ज़ल लिखी हो जैसे!