STORYMIRROR

बांटें-बांटे खुशी मन आंगन अपनी उमरिया जीना सिखाती है अपनेपन की सुरभि चमन में सुमन खुशी के सुरभि और हम विचार अश्क पोंछें किसी आंख से वंशीधर खुशी मिलेगी यहीं औरों की खूबियां कमियां सदा देखें खुद की सुरभि सुख की बसंत प्यार तो होती है चाहत खुश रहने की हसरत किस तरह बितावैं कोयल

Hindi सुरभि Poems