रचनाकार नाम - प्रेमयाद कुमार नवीन (नवीं)
ज़िंदगी के रंगमंच पर चलता कोई नाटक हूँ। कलम से पन्नों पर बिखरा एक खरा हाटक हूँ। सृजन की इस हसीं शाम ... ज़िंदगी के रंगमंच पर चलता कोई नाटक हूँ। कलम से पन्नों पर बिखरा एक खरा हाटक हूँ। ...
सामने अंतिम विदा का दृश्य सुंदर है, देह तो बाहर ही खड़ी थी,जान अंदर है। मौन बैठो चेतना से सोच कर ... सामने अंतिम विदा का दृश्य सुंदर है, देह तो बाहर ही खड़ी थी,जान अंदर है। मौन ब...
मोहब्बत में कभी ऐसा भी एक मंज़र निकल आया, जिसे चाहा था शिद्दत से, वही पत्थर निकल आया। तुम्हारी याद क... मोहब्बत में कभी ऐसा भी एक मंज़र निकल आया, जिसे चाहा था शिद्दत से, वही पत्थर निकल...
जुदा होकर भी धड़कनों में वो इंक़लाब ज़िंदा है, 'नवीन' की सुलगती यादों का वो सैलाब ज़िंदा है। जुदा होकर भी धड़कनों में वो इंक़लाब ज़िंदा है, 'नवीन' की सुलगती यादों का वो सैला...
यादों के झरोखे में वो मासूम सा बचपन जिंदा है, दोस्तों संग बिताया वो शरारती लड़कपन जिंदा है। यादों के झरोखे में वो मासूम सा बचपन जिंदा है, दोस्तों संग बिताया वो शरारती लड़कप...
करीब नहीं आज वो मेरे, पर ये इश्क़ रहेगा। उम्मीद यही ख़्वाबो ख़्यालों में, सब ठीक रहेगा। इस कदर डूब क... करीब नहीं आज वो मेरे, पर ये इश्क़ रहेगा। उम्मीद यही ख़्वाबो ख़्यालों में, सब ठीक...
इश्क़ हँसाता है, हाँ इश्क़ रुलाता है, दर्द जुदाई का, यह ज़हर पिलाता है। चाहते हैं तुमको, हम आज भी ओ... इश्क़ हँसाता है, हाँ इश्क़ रुलाता है, दर्द जुदाई का, यह ज़हर पिलाता है। चाहते ह...
बेताबी-ए-दिल एक शे'र से कहाँ बयां होगा। बेताबी-ए-दिल एक शे'र से कहाँ बयां होगा।
चाहता हूँ तुम्हें दिल-ए-जाँ से आज भी चाहता हूँ तुम्हें दिल-ए-जाँ से आज भी
इश्क़-ए-ख़्वाहिश अधूरी हो तो रब याद आता है जुदाई गर तन्हाई में तब्दील हो तब याद आता है इश्क़-ए-ख़्वाहिश अधूरी हो तो रब याद आता है जुदाई गर तन्हाई में तब्दील हो तब याद...