STORYMIRROR

किस तरह बितावैं गौ माता कोयल आंगन जीना सिखाती है मन विचार औरों की खूबियां निज आचरण सुधार खुशी मिलेगी यहीं गाय सुरभि सुख की प्रेम सरिता अपनी उमरिया अपनेपन की सुरभि खुश रहने की हसरत बांटें-बांटे खुशी कमियां सदा देखें खुद की सुरभि और हम प्यार तो होती है चाहत

Hindi सुरभि Poems