चलो संभाल लेते है इस सृष्टि हो चलते हैं सफर पर मानवता के रथ पर। चलो संभाल लेते है इस सृष्टि हो चलते हैं सफर पर मानवता के रथ पर।
घायल हूँ तेरी नजरों से, जो दिल में उतरती हैं। तेरे दीदार को ना जाने, क्यों आंखें तरसती घायल हूँ तेरी नजरों से, जो दिल में उतरती हैं। तेरे दीदार को ना जाने, क्यों आं...
चारों ओर छा जाती हरियाली, मिट्टी सौंधी खुशबू देती है। चारों ओर छा जाती हरियाली, मिट्टी सौंधी खुशबू देती है।
प्रेम थका मांदा अब पस्त हो चुका है राह तुम्हारी देखते देखते। प्रेम थका मांदा अब पस्त हो चुका है राह तुम्हारी देखते देखते।