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विरह रास दुग तानें श्याम मिलन पतझड़ छाया भीतर विराना घायल ढुंढती निलकंठ धारी हिन्दी कविता पिता चैन गलीयाँ छूप ज़ाना विहार कष्ट

Hindi निंद Poems