STORYMIRROR

छुआ मैंने बातें दिया संभाला है घाट अलविदा आख़िरी मूलाकात मुझे एहसान किया सावन कहा चले गये है बेवज़ह मिलना गीला क्या है वापिस कब आओगे इबारत पत्ते चुप

Hindi तुमने Poems