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Swati Tyagi

Others

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ये लहरें मेरे जैसी

ये लहरें मेरे जैसी

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दूर कहीं से आती हुयी ये लहरें मुझे खुद सी लगी

इनका जीवन कुछ पल का है, मेरा कुछ बरस का सही

 

समुद्र की गहरायी में जन्म लेती हैं

किनारे तक आके दम तोड़ देती हैं

अपने साथ कितना कुछ ले जाती हैं

कुछ पीछे भी छोड़ देती हैं

जैसे कुछ रिश्ते ले जाते हैं हम अपने साथ

यादें छोड़ जाते हैं अपनों के लिये

 

दूर कहीं से आती हुयी ये लहरें मुझे खुद सी लगी

इनका जीवन कुछ पल का है, मेरा कुछ बरस का सही

 

बीच समुद्र में उठती हैं

सफ़ेद साफ़, सारे जहाँ की शुद्धता लिये

किनारे पे आके रंग बदल लेती हैं

खो जाती हैं कुछ रेत, कुछ प्रदूषण लिये

बच्चा आता है दुनिया में सारे जहाँ की मासूमियत लिये

जाता है यहाँ से कुछ तज़ुर्बे कुछ कड़वाहट लिये

 

अक्सर शाँत होकर चली जाती हैं

कभी नाराज़गी में बहुत कुछ तबाह कर जाती हैं

ध्यान से देखो तो हमारा ही आईना हैं

समुद्र की ये लहरें हमें ही दर्शाती हैं

 

दूर कहीं से आती हुयी ये लहरें मुझे खुद सी लगी

इनका जीवन कुछ पल का है, मेरा कुछ बरस का सही


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