उम्र के ४३ बसंत
उम्र के ४३ बसंत
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आज उम्र के
४३ बसंत और
मन बहुत खफा है,
जो जिंदगी जी थी
बरसों पहले
वो अब
मुझसे जुदा है।
सच बहुत दूर
आ गया मैं
इन ४३ बरसों में,
अपनी जड़ों को
छोड़ बढ़ आया मैं
इन बीते बरसों में।
सब कुछ छूटा
मेरा वो गांव
वो पगडंडियां,
मां बाप
भाई बहन
वो रिश्ते नाते
और दोस्त
मेरे पुराने।
इन सबके बीच
छूट गया
वो प्यारा बचपन
जो देहरी पर
अब भी खड़ा है,
जहन में अपनों से
हमेशा के लिए
बहुत दूर
निकल आने का ख्याल लिए।
