STORYMIRROR

Husan Ara

Others

3  

Husan Ara

Others

उलझन

उलझन

1 min
183

वह मौन खड़ी थी

पैसे हाथ में दबाए

मना कैसे करे पिता को

कि ये रस्में ना निभाएं


बचपन में जिस पिता से

ज़िद करती,

छोटा सी हथेली देती थी फैला


शादी के उपरांत,

ना हथेली छोटी थी ना नोट

यही बात करती थी मन मैला


पर कैसे कह दे कुछ भी,

रस्में हैं आखिर

शादी का ये साल था पहला


जानती है, कर्ज़ में दबे कंधे

अगली बार फिर मिलने आएंगे ,

ढोकर नेग का थैला


Rate this content
Log in