STORYMIRROR

Diwa Shanker Saraswat

Others

3  

Diwa Shanker Saraswat

Others

उड़ान

उड़ान

1 min
527

नभ में फैला अपने पर

भरते उड़ान अपनी

झुंडों के झुंड पक्षियों के

कहाँ उड़ गये

नजर नहीं आते


वो पक्षियों का उड़ना

वी का धर आकार

बढ़ते रहना लक्ष्य पर

अब नजर नहीं आता


घर की छत पर

दिखते हर रोज

झुंडों के वे अनेकों रूप

अब दिखते नहीं


युग बदला, विचार बदले

अनेकों पीढ़ियों का परिवार टूट गया

परिवार एकाकी

मनुष्यों में, परिंदों में भी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन