STORYMIRROR

Mahendra Rathod

Others

0  

Mahendra Rathod

Others

शायद तू मेरे पास होती

शायद तू मेरे पास होती

1 min
91



सुकून सी दिल से एक आह निकल जाती

जिंदगी में आज शायद तू मेरे पास होती।


टूट जाते हम मगर तू बिखरने से रोक लेती

मैं साहिल और तू बन के किनारा मेरे पास होती।


सूनी सी डगर पे कोई थाम ले दामन हमारा

जिंदगी में तू मेरी परछाईं बन के मेरे पास होती


तन्हाई खा जाने को बेताब है मेरे दिल को

मेरे जीने का वजूद बनकर तू मेरे पास होती।


Rate this content
Log in