राजा रानी।
राजा रानी।
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जंगल का राजा,
होता बड़ा मतवाला,
करता रानी से इतना प्यार,
वो सोती,
और राजा बनता पहरेदार।
रानी का इतना ख्याल,
वलां राजा ही रख सकता,
बैठता घात लगा के,
रानी न उठे आधे।
देखो! ये अनोखा प्यार,
है राजा,
फिर भी पहरेदार।
चलाता हुकुमत,
परंतु रानी के आगे दुर्बल।
काश! इंसान भी ऐसा करता,
हर मर्द,
अपनी पत्नी को रानी समझता,
और फिर उसे राजा की तरह प्यार करता।
