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पिरामिड
पिरामिड
पिरामिड
पिरामिड
मैं
शून्य
सामान्य
से विशाल
समंदर में
लीन हो कर
फैल जाऊँ चीर
अनंत कोटी जीव।
तू
इस
जगके
श्रुष्टिकर्ता
पालनहार
कैसे गाऊँ गीत
हृदय के संगीत।
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