फटी जेब
फटी जेब
1 min
199
दर्जी से मैने एक
पतलून बनवाई थी
उस काले पतलून में मैने
जेब बड़ी सिलवाई थी
बड़ी जेब थी पैसे भर भर
पिता से उसमे रखवाई थी
धीरे-धीरे फटी जेब वो
ऊपर से कपड़े चढ़वाई थी
फटी जेब से गिरते पैसे
टाँके कई दिलवाई थी
फटी जेब पर कई कई बार
सुई धागा चलवाई थी
वही हश्र होता है
जिसे मुफ़लिस रब ने बनाई है
