STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Others

2  

Kanchan Prabha

Others

फटी जेब

फटी जेब

1 min
198

दर्जी से मैने एक

पतलून बनवाई थी

उस काले पतलून में मैने

जेब बड़ी सिलवाई थी

बड़ी जेब थी पैसे भर भर

पिता से उसमे रखवाई थी


धीरे-धीरे फटी जेब वो

ऊपर से कपड़े चढ़वाई थी

फटी जेब से गिरते पैसे

टाँके कई दिलवाई थी

फटी जेब पर कई कई बार

सुई धागा चलवाई थी

वही हश्र होता है

जिसे मुफ़लिस रब ने बनाई है



Rate this content
Log in