नये वर्ष की दस्तक
नये वर्ष की दस्तक
धरा के शृंगार की दस्तक हुई नव वर्ष में
महकता है घर आँगन नव वर्ष में।
धूप से रोशनी ले आया नव वर्ष में
तरुवर से हरियाली ले आया नव वर्ष में।
पारिजात की सुगंध ले आया नव वर्ष में
इंद्र्धनुषी रंग चुरा लाया नव वर्ष में।
मधुर गीत गुनगुनाया नव वर्ष में
मीठे स्वप्न का आशियाना ले आया नव वर्ष में।
जुगनुओं संग सजाया महफ़िल नव वर्ष में
सितारों की बारात लाया नव वर्ष में।
आफ़तों से कश्ती बचा लाया नव वर्ष में
घायल दिल का मरहम बन गया नव वर्ष में।
अपने गज़लों में मिठास भरा नव वर्ष में
पहली गज़ल पर भाव दे बैठा नव वर्ष में।
