STORYMIRROR

Mukesh Bissa

Others

2  

Mukesh Bissa

Others

मेरी कहानी

मेरी कहानी

1 min
534


मेरी दास्तान

कभी रो देती हूँ कभी

मैं हँसती हूं

कभी खुशी पा लेती हूं

गमगीन कभी हो जाती हूं

बस खुद में ही खोई रहती हूं।


अपनी मजबूरी को

ताकत अपनी बनाती हूं

तौहमत किसी पर यूँ ही

नहीं लगाती हूं

बस खुद में ही खोई रहती हूं।


भरोसा सब पे नहीं करती हूं

कसौटी पे अपनी ही तौलती हूं

बस खुद में ही खोई रहती हूं।


जो मिल गया उसे

मुक्कदर समझती हूं

जो न मिल पाया

उसे भुला ही देती हूं

बस खुद में खोई रहती हूं।


Rate this content
Log in