खट्टा मीठा बचपन
खट्टा मीठा बचपन
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बहुत खट्टा मीठा सा क्या बचपन था हमारा।
जैसे कोई सुनहरा सपना सा बहुत ही प्यारा।
रोज़ सुबह को अलसाते हुए से जल्दी जागना।
बैग टिफ़िन लेकर स्कूल जाने के लिए भागना।
स्कूल में नई नई ज्ञान की बातें समझना सीखना।
खाली समय में मस्ती में चिल्लाना और चीखना।
थके हारे घर आकर खाना खाकर थोड़ा सो जाना।
फिर होमवर्क पूरा करने के लिए बेवजह रोना धोना।
शाम को गली के बच्चों के साथ धूम धमाल मचाना।
देर शाम तक तरह तरह के खेल खेलकर थक जाना।
फिर घर आकर मां के हाथ का चटपटा खाना खाना।
मां की गोद में सर रखकर कहानी सुनते हुए सो जाना।
