STORYMIRROR

Meenakshi Kilawat

Others

3  

Meenakshi Kilawat

Others

झूला झूले राधा रानी

झूला झूले राधा रानी

1 min
554

झूला झूले राधा रानी

कान्हा संग रास रचाई

सावन में भीगी चुनरिया

लहर लहर लहराई।


हरीभरी है ऊंची डगरीया

लता फूलोंसे खिलखिल जाए

आसमान से मिलने खातिर

खुशबू चमनमें बिखराए।


कुकू कोयल गाना गाए

लालिमा भरती किरने अंबरमें

संग पिया के चलते चलते

रंग भरते हैं अंदर अंचल में।


शुभ्र धवल तुषार धारा

धरा पर भरता है नजारा

पवन लहरों पर करता बसेरा

मनमोर चढ़कर करता है बसेरा।


इंद्रधनुष के रंग में नहा कर

जन्म हुआ माटी में वृक्षों का

प्रिय बासुरी की मधुर धुन

मगन राधा राह तके कान्हा का।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन