हे सुखदाता
हे सुखदाता
मंगल मूर्ति .....हे सुखदाता,
मेरी भी सुधि ले लो विधाता।
ज्ञान महान विज्ञान प्रदाता,
मंगल मूर्ति हे सुखदाता ।।
मंगल मूर्ति ......हे सुखदाता,
मेरी भी सुधि ले लो विधाता।
सुंदर छवि है सुंदर साफा,
तुम हो सर्व सुखों के दाता।।
तुम हो सर्व सुखों के दाता,
मंगल मूर्ति बुद्धि विधाता ।
छटा निराली मुख मंडल पर,
प्रभु की लीला सबसे सुंदर।।
प्रभु की लीला सबसे सुंदर,
कृपा बनाए रखना हम पर ।
सदा सुमिरता हूँ गणपति को,
कृपा प्रभु की होगी हम पर ।।
कृपा प्रभु की होगी हम पर...
एक पहर मैं जप करता हूँ ।
भूल चूक से भी डरता हूं ।।
आ जाओ प्रभु कष्ट हरो अब।
हर दम आह्वान करता हूँ ।।
