हां, उस देश से मेरा नाता है
हां, उस देश से मेरा नाता है
देवों का जहाँ वास रहा,
जो सब देशों में खास रहा।
मेरे उर के आसपास रहा,
उस देश से मेरा नाता है।
हां उस देश से मेरा नाता है,
भारत से मेरा नाता है।
जहां ब्रह्मा विष्णु और महेश,
बदल कर आए कितने वेश ,
कभी राम बने, कभी श्याम बने।
कभी संकटमोचक हनुमान बने।
कभी गौतम बन आये तो,
कभी बने महावीर।
कभी नानक, कभी पैगंबर,
कभी संत कबीर।
जहाँ इंसान की बात क्या,
पत्थर भी पूजा जाता है।
हां उस देश से मेरा नाता है,
भारत से मेरा नाता है।
जहां गंगा जमुना सी नदियां ,
अमृत पिलाती हैं सदियां,
किले बावड़ी महल हवेली ,
अतीत जिसका कहता है।
पृथ्वीराज, राणा प्रताप सा,
योद्धा घर घर रहता है।
जहां वीर शिवाजी की गाथाएं,
हर भारतवासी कहता है।
पर देखो इतिहास जरा,
हर पन्ना कुछ ना कुछ कहता है।
जहां हाडा रानी, मीरा और,
पन्नाधाय सी माता है।
हां उस देश से मेरा नाता है ,
भारत से मेरा नाता है।
जो खुशहाली का बिगुल बजाता था,
सोने की चिड़िया कहलाता था।
जब गोरों का मन डोला था ,
और हम पर धावा बोला था।
तब राजगुरु, सुखदेव ,भगत का,
खून जोश से खोला था।
चंद्रशेखर आजाद व सुभाष चंद्र बोस ने,
नेहरू, गांधी पटेल को भर दिया था जोश में।
जहां लक्ष्मी, तात्या की याद में ,
तिरंगा लहराया जाता है।
हां उस देश से मेरा नाता है,
भारत से मेरा नाता है।
