हाँ,मैं औरत हूँ
हाँ,मैं औरत हूँ
1 min
483
हाँ मैं औरत हूँ
रोऊ या इस पर घमंड करूँ
इसी असमंजस में हूँ
हाँ मैं औरत हूँ
इतिहास की बातें करूँ इतनी फुर्सत नहीं हैं मुझे
वर्तमान की शिकायत करूँ इतनी आज़ादी नहीं है मुझे
जो मिला जैसा भी मिला बस बटोर लिया
स्व की इच्छा करूँ इतनी इज़्ज़त नहीं है मुझे
तो क्या करूँ
इसी असमंजस में हूँ
हाँ मैं औरत हूँ
तुम भी ठुकरा कर चल दो
इसी के काबिल हूँ मैं
सबको जीवन दिया,पर
खुद की ही कातिल हूँ मैं
तो क्या करूँ
इसी असमंजस में हूँ
हाँ मैं एक औरत ही हूँ।
