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VIVEK ROUSHAN

Others

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VIVEK ROUSHAN

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एक चराग

एक चराग

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रोशनी के लिए

एक चराग ही काफ़ी है

एक चराग जलेगा

तो कई चराग जलेंगे


लोगों ने खून से

सींचा है इस सरजमीं को 

आसाँ नहीं है

इस शहर में अंधेरा करना।


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