STORYMIRROR

Sonam Kewat

Others

3  

Sonam Kewat

Others

दोस्तों में दुश्मन

दोस्तों में दुश्मन

1 min
228

लोगों पर विश्वास नहीं करते 

क्योंकि दोस्तों में ही दुश्मन के चेहरे देखे हैं 

छुपा लेते हैं अपने घाव मगर

सच है कि हमने घाव गहरे देखे हैं 


कहने को तो बड़े ही सच्चे बनते हैं 

मेरे सामने ही मेरे लिए बड़े अच्छे बनते हैं 

जो सामने सच ना सुन सके ना बोल सके 

मैंने दोस्ती में ऐसे गूंगे बहरे देखे हैं 


मेरी जिंदगी की कीमत जानते नहीं है

मुझे अपनों में अपना मानते नहीं है 

अपनी जान से भी बढ़कर दोस्ती प्यारी थी हमें 

वही लोग थे जिनके लिए मैंने ख्वाब सुनहरे देखे हैं 


मुझे दोस्ती का झूठा पाठ पढ़ाना नहीं आता 

मुझे उनके तरह बात बनाना नहीं आता 

दूर ही रहने दो ऐसे लोगों से हमें 

जिन्हें दोस्ती में भी साथ निभाना नहीं आता



Rate this content
Log in