Anshu sharma
Others
कब तक रिश्ते निभाते रहे
जब दूसरे, कमियां गिनाते रहे
हर बार झुके, उन्हें अब तक संभाला
ना जाने कितना कुछ दे डाला
उनका शिकायतों का दौर रहा जारी
ऐसे रिश्ते, जो सिर दर्द बन जाए
उन रिश्तो को हम क्यों निभाए।
बडमावस्या की ...
माँ
भागती जिंदगी
मेरी बहना
कमान का नेतृत...
खिसकते रिश्ते
जरा सोचिये
लडके हो रोना ...
पराई अमानत
वो पिता कहलात...