STORYMIRROR

Neha Yadav

Others

2  

Neha Yadav

Others

बेजान जिंदगी

बेजान जिंदगी

1 min
290

अब ना रही जीने की ख्वाहिश

जर्रा जर्रा अलग हो चुका है

कहते थे जो तुम मुझसे बात

वो सब कुछ ख़त्म हो चुका है

नाम मात्र अब जोड़ के क्या

बेजान जिंदगी से कुछ कह जाओ।


क्या रह गया है प्रतारणा के सिवा

हो गई है अब तो पराकाष्ठा 

हर कथन धूमिल लगता है 

सोहबत भी बेगाना सा

क्या कहते हो अब बतलाओ

बेजान जिंदगी से कुछ कह जाओ।।



Rate this content
Log in