STORYMIRROR

Padma Motwani

Others

3  

Padma Motwani

Others

अनुराग

अनुराग

1 min
185


जब फूल खिलखिलाते हैं 

जब भौंरे गुनगुनाते हैं 

तब अनुराग की बेला होती है। 


जब कोयल गीत गाती है

जब मयूर नाच दिखाता है

तब अनुराग की बेला होती है। 


जब बच्चे की किलकारी होती है

मां बाप की उम्मीद जवान होती है

तब अनुराग की बेला होती है। 


जब गोरी की चूड़ियां खनकती हैं

पायल छमाछम छनकती है

तब अनुराग की बेला होती है। 


कल्पनाओं में सजीव कोई हो जाता है

निःशब्द होकर प्यारी सी मुस्कान दे जाता है

तब अनुराग की बेला होती है। 


अनुराग समस्त अर्पण हो जाता है

मन तेरा, जब दर्पण मेरा हो जाता है।



Rate this content
Log in