अनजान सफर
अनजान सफर
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अनजान सफर,
अनजान रास्ते
अनजान राही,
इस दिल के वास्ते
अनजान दिल की,
अनजानी ख़्वाहिशें
अनजाने पलकों की,
अनजान सी बारीशें
अनजाने से मोड़ पर,
अनजानी छाँव तले
अनजाने से राज गहरे,
अनजाने लबो तले
अनजाने से ख़्वाब बुनते,
अनजाने नज़रों तले
अनजानासा दर्द छुपाता,
अनजानासा ये सफ़र
अनजाने से इस सफर में
ए अजनबी
अनजान तुम और अनजान हम भी है।
इस जानी अनजानी भीड़ में
साकी
अकेले तुम और अकेले हम भी है ।
