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सृजन खुशबू नमीं गर्मी हिन्दी कविता अंगारों की नदी बन ये छल मेरा बहता गया... नीला उबल रहा अब रक्त देश का राख लाश अंजाम निकला ताप अंगारों से उड़ान सूरज बातों हिंदी कविता मिलाप बादलों युद्धभूमि दफ़नाया

Hindi अंगारों Poems