Zindgi ke rangon ko panno per bikherne ka ek chota sa prayas
गुरु हैं राह दिखाने वाला, सफलता तक पहुँचाने वाला। कबी कबीर जी कह गये, गुरु हरी से मिलवाने वाला। गुरु हैं राह दिखाने वाला, सफलता तक पहुँचाने वाला। कबी कबीर जी कह गये, गुरु हरी स...
जब उठ रही आवाज है, तो बरस रही है लाठीयाँ। क्या कसूर था उनका? उन बच्चों ने क्या गुनाह किया? जब उठ रही आवाज है, तो बरस रही है लाठीयाँ। क्या कसूर था उनका? उन बच्चों ने क्या ग...
अब मैं क्या ही बताऊ उसके बारे में। शब्द ही मिलते उसे शब्दों में सुनाने को। मैं धुप से मुरझाया पौधा... अब मैं क्या ही बताऊ उसके बारे में। शब्द ही मिलते उसे शब्दों में सुनाने को। मैं...
नदियाँ बहती हैं, मैं किनारों से तुम्हारा पता पूछती हूँ। सूरज स्वर्ण सा चमकता है, मैं किरणों से तुम्ह... नदियाँ बहती हैं, मैं किनारों से तुम्हारा पता पूछती हूँ। सूरज स्वर्ण सा चमकता है,...
ऐसी तो नहीं थी में, में दूसरों को खुश रखना चाहती थी... में सबको हँसाना चाहती थी... में इस दुनिया के ... ऐसी तो नहीं थी में, में दूसरों को खुश रखना चाहती थी... में सबको हँसाना चाहती थी....
क्या हम सब एक ही दुनिया में रहते हैं? तो फिर क्यों नहीं हम इस पृथ्वी को अपना घर मान लेते हैं, तो क्य... क्या हम सब एक ही दुनिया में रहते हैं? तो फिर क्यों नहीं हम इस पृथ्वी को अपना घर ...
एक बात कहूँ बात मेरी तुम सुनना ज़रा... बताती हूँ मैंने क्या सीखा बताती हूँ तुम सुनना ज़रा.... एक बात कहूँ बात मेरी तुम सुनना ज़रा... बताती हूँ मैंने क्या सीखा बताती हूँ तुम स...
क्यों हो अब तक नाराज़ तुम कैसे बताऊँ मेरे लिए हो कितने ख़ास तुम हूँ अगर आवाज़ मैं तो हो मेरा हर अलफ़... क्यों हो अब तक नाराज़ तुम कैसे बताऊँ मेरे लिए हो कितने ख़ास तुम हूँ अगर आवाज़ मै...
नहीं मुझे कुछ भी समझाना नहीं समझ कोई पा रहा है बात मेरी नहीं जानती समझाऊँ कैसे हालात मेरी मैंने की ... नहीं मुझे कुछ भी समझाना नहीं समझ कोई पा रहा है बात मेरी नहीं जानती समझाऊँ कैसे ह...
जब चढ़ता है रंग प्रेम का के जब चढ़ता है रंग प्रेम का तो रंग ये सरे फीके लेगते हैं ज़माने की फ़िक्र नह... जब चढ़ता है रंग प्रेम का के जब चढ़ता है रंग प्रेम का तो रंग ये सरे फीके लेगते है...