बिखरें हुए शब्दों और लफ़्ज़ों को चुन उन्हें धागों में पिरोकर कभी माला बनाती हुँ तो कभी गजरा... शब्दों से फ़िजा गुनगुनाती है तो लफ़्ज़ों से वह महकने लगती है...
What happens when an old flame rekindles after years? A second chance at love or a painful reminder? What happens when an old flame rekindles after years? A second chance at love or...
क्या नीले आसमाँ के नीचे भी तनहाई का एहसास होता है? इस मायावी दुनिया में, क्या मुखौटों के पीछे छिपे र... क्या नीले आसमाँ के नीचे भी तनहाई का एहसास होता है? इस मायावी दुनिया में, क्या मु...
मेरे पास बहुत सारे ‘लेकिन’ हैं… क्या करूँ मैं इनका? लेकिन आप शायद जानते नहीं की ये सारे ‘लेकिन’ अलग ... मेरे पास बहुत सारे ‘लेकिन’ हैं… क्या करूँ मैं इनका? लेकिन आप शायद जानते नहीं की ...
घर के कोनों में बसी हैं यादें, क्या खोया है वो प्यार जो कभी इन कोनों में झलकता था? एक कहानी जो दिल क... घर के कोनों में बसी हैं यादें, क्या खोया है वो प्यार जो कभी इन कोनों में झलकता थ...
क्या एक प्रेम में समर्पित पत्नी, बग़ैर पता दिए, अपने पति को छोड़ सकती है? सालों की घुटन के बाद आज़ादी ... क्या एक प्रेम में समर्पित पत्नी, बग़ैर पता दिए, अपने पति को छोड़ सकती है? सालों क...
एक घर, जिसमें बसी हैं अनगिनत यादें, आज ख़ाली है। क्या होता है जब हम अपनी यादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ते... एक घर, जिसमें बसी हैं अनगिनत यादें, आज ख़ाली है। क्या होता है जब हम अपनी यादों को...
फिर से आज वह आया था…पिछले दिनों उससे तमाम रिश्तें तोड़ने के बाद भी… अब उन दोनों के रिश्तों में ‘वह’... फिर से आज वह आया था…पिछले दिनों उससे तमाम रिश्तें तोड़ने के बाद भी… अब उन दोनों...
माँ की साड़ी पहनकर जब मैं ख़ुद को शीशे में निहारती हूँ, तो वही छोटी गुड़िया बन जाती हूँ। क्या बचपन क... माँ की साड़ी पहनकर जब मैं ख़ुद को शीशे में निहारती हूँ, तो वही छोटी गुड़िया बन ज...
क्या कॉर्पोरेट जगत की आपाधापी में, लोग अपनी एक अदृश्य दीवार बना लेते हैं? एक दोस्त का मैसेज उलझन को ... क्या कॉर्पोरेट जगत की आपाधापी में, लोग अपनी एक अदृश्य दीवार बना लेते हैं? एक दोस...
क्या कॉर्पोरेट की आपाधापी में हम सबने अपने चारों ओर एक अदृश्य दीवार बना ली है? एक दोस्त के मैसेज ने ... क्या कॉर्पोरेट की आपाधापी में हम सबने अपने चारों ओर एक अदृश्य दीवार बना ली है? ए...