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S Ram Verma

मेरे विशुद्ध भावों की अभिव्यक्ति है मेरी कविताएं; या यूं कहूं की मेरे पुरूषत्व के अंदर कहीं छुपी स्त्री है मेरी कविताएं। read more

  Literary Colonel

ज़िद्दी और शैतान यादें !

Romance

वैसे ही कहीं मेरी यादें भी तुम्हें ना करे बेचैन मेरी यादें कुछ ज्यादा ज़िद्दी और शैतान है पर ...

1    197 47

सुन गुज़ारिश मेरी

Others

फिर आकर तू पास मेरे ले अपने आगोश के घेरे में मुझे और कर दे इस दुनिया से बिलकुल जुदा...

1    154 4

अब तलक !

Abstract

जो साँस है मेरी ज़िन्दगी की अब भी बहती है अपनी ही गति से होकर बिल्कुल बेखबर अब तलक !

1    197 43

बहन !

Others

उस रिश्‍ते का भी नाम है जो एक पुरुष को माँ के बाद पहली बार नारी का सामीप्‍य और स्‍नेह देत...

1    195 44

तुम्हारा नाम

Romance

मेरी अभिव्यक्ति स्वयं हो जाएगी पूर्ण क्यों क्या कहती हो तुम बोलो ?

1    314 45

मेरी शाख !

Romance

मेरे साथ साथ उन क्षणों में तुम भी मंद-मंद मुस्कुराते हो

1    287 35

पूर्णताः !

Romance

फर्क है उतना ही छूना और छू लेने में भी फर्क है जैसे जीने और साथ जीने में है अभी अ...

1    1 0

मेरी प्रेम कवितायेँ

Romance

मुझे मुहब्बत है एक सिर्फ तुमसे बोलो क्या इसलिए तुम अब तक नहीं लांघ पायी हो उस, ...

1    102 1

प्रेम पाना तुम्हारा

Romance

तुम मुझे प्रेम करो और करे उतना ही प्रेम मुझे तुम्हारी संतति भी

1    279 28

शब्दों का बोझ

Others

वो हलकी सी रौशनी इस भीगते बदन पर एक हलकी सी सिहरन सब कितने अच्छे लगते हैं

1    1 0

जज्बाती दरिया !

Others

सीधे जा पंहुचता है दिल की रसातल में इस जज़्बाती दरिया ने कभी तुझे निराश किया हो ये भ...

1    125 0

दिल की गुस्ताखी !

Romance

जो अक्सर बिना सिन्दूर रहना पसंद करती है ! गुस्ताखी तो देखो दिल की मेरे चाहता है, रहना साथ उस...

1    267 0

हवन की समिधा !

Romance

ताकि तुझमे मिलकर प्रेम की समिधा सा वो हो जाए पूर्ण और मेरे मन की व्याकुल क्षुधा को य...

1    125 0

क्यों इतने सारे क्यों है !

Others

क्यों एक नयी सुबह की ख़्वाहिश है क्यों अब लेटे रहना भी मुश्किल है क्यों अकेले चलते रहना अब भार...

1    172 0

गवाह बनना चाहता हूँ !

Romance

मैं चाहता हूँ बनना गवाह तुम्हारे होठों को थिरक थिरक कर यूँ बार बार लरजते देखने का

1    140 0

सफर का हमसफ़र !

Romance

जब हो जाये किसी को प्रेम अपनी ही सांसों की तेज़ गति से डरने वाली से तो दर्द खुद-बा-खुद उस ...

1    274 0

वादों वाली शाम

Romance

गर ना हो पता तो कर लो पता मुझे नहीं लगता अब वो शाम फिर कभी लौट कर आएगी तुम्हारे द्वार !

1    3 0

बेजुबान ख़ामोशी

Romance

कुछ कदम एक ही जगह कब से ठहरे हुए है कुछ आँसुओं की बूंदें कुछ उखड़ती हुई सी सांसें और ...

1    202 0

कारगिल दिवस

Inspirational

देश सेवा ही धर्म जिसका हो हथियार ही जिसका उपदेश हो करता सदा देश का जय घोष हो ऐसे सभी जाब...

1    115 0

बोलो बोलो कौन है वो !

Abstract

तुम्हारा राम है या कृष्ण है वो बोलो बोलो कौन है वो

1    285 0

जीवन साथी

Others

उन पँखुड़ियों में से आधी तो अक्सर ज़िम्मेदारियों पर ही झर जाती है

1    361 2

मैंने तो सिर्फ प्रेम किया

Romance

प्रेम तो किया था मैंने तुमसे अपनी आँख और दिमाग दोनों बंद कर के !

1    2 0

मैं फिर भी तुमको चाहूंगा !

Romance

मैं फिर भी तुमको चाहूंगा धूप में तेरे सर पर छांव का छाता बनकर

1    241 0

सुख-सुकून की परिभाषा !

Inspirational

पीड़ा खुद सह कर संयम को अपने ही कलेजे में पोसा हो

1    249 1

तुम्हारे साथ बीते सारे लम्हात

Romance

लेकिन जब भी याद किया मैंने उन लम्हों को वो लम्हे आकर मेरे कमरे में जैसे थिरकने लगे और कितन...

1    1 0

अलौकिक प्रेम

Romance

वो सितारे जो आसमान की गोद में अक्सर ही टिमटिमाते रहते है वो ही इन प्रेमी जोड़ों के प्र...

1    23 1

रिश्तों का कारवां !

Tragedy

लेकिन जिस दिन ये एहसास कमजोर पड़ने लगते है उस दिन से ही उम्मीदें स्वतः ही दम तोड़ने लगती ह...

1    164 0

इश्क़ है !

Abstract Romance

इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना !

2    22 2

प्रतीक्षित प्रेम !

Romance

मेरे अटूट प्रेम का सिन्दूर लगा कर मुझे अपना प्रखर बनाने ही तो इस धरती पर आयी हो ना त...

1    4 0

रिश्तों का पहाड़

Romance

तुम कैसे उन रिश्तों के पहाड़ को लाँघ कर आ पाओगी सदा के लिए पास मेरे

1    227 2

प्यास बुझा देना तुम !

Others

निकला था खुद को ढूंढने खुद ही आज कही खो गया हूँ मैं;

1    224 1

तुम्हारा इंतज़ार है !

Others

बहन, बेटी, भाभी और बच्चों को स्तनपान कराती माँ के मर्दों की आंखें छाती पर इसका शिकार होगी स्त्री ...

1    8 2

प्रेम !

Romance

प्रेम है उस कमर तोड़ बुखार सा जो सरसराता हुआ रगों में दौड़ता है।

1    232 1

पूर्णविराम

Romance

एक एक लफ़्ज़ों को व्यवस्थित क्रम में सजाने की कोशिश मात्र करता हूँ

1    5 2

नदी

Others

बहुत गहरे ज़ख्म सह कर किसी के आँसू, भले ही सूख जाए पर अक्सर मैंने उन ज़ख्मों को नासू...

1    250 1

प्रेम

Others

प्रेम बना रहेगा सदा उसी अभेदता के साथ जैसे मिले हुये हों दो शून्य आपस में

1    128 3

सिर्फ तेरे प्यार में

Romance

जो जले भी तो एक सिर्फ तेरे प्यार में और बुझे भी तो एक सिर्फ तेरे प्यार में !

1    25 0

कविता !

Romance

जब जब तुम्हे देखता हूँ यूँ खुलकर मुस्कुराते हुए तब तब मेरी सारी कविताये एक पांव पर खड़ी हो कर ...

1    207 4

वजूद

Romance

मेरी हस्ती बहुत छोटी है एक तेरे जज़्बे से ही मैं हूँ

1    8 3

तुम्हारा एहसास !

Romance

पूरा कमरा तुम्हारी सौंधी-सौंधी महक में अब भी ठीक वैसे ही महक रहा था जैसे वो तुम्हारे आने पर महका...

1    151 3

बाँहों के दरमियाँ

Romance

फटे से कागज़ पर लिखते रहना बस एक तेरा नाम और फिर उसे भी सहेज कर रख लेना !

1    43 3

हम और तुम

Others

हम-तुम अपने-अपने मैं के साथ रहे और बाकी सब को हम भूल गए है

1    30 3

तुम सा ही अक्स

Romance

जिस पहर में हो सिर्फ मैं और तुम और कोई नहीं !

1    253 4

इश्क़ की ख़्वाहिशें

Romance

तुम्हे तुम्हारे सपने जिन पर अब कभी प्राकृतिक और अप्राकृतिक हादसों का भी साया ना पड़ ...

1    28 3

मेरा प्रेम !

Romance

वक़्त मिले तुम्हें कभी तो इन सबका अर्थ समझना समझ आ जाएगा तुम्हें मेरा प्रेम !

1    5 2

इश्क़ की ख़्वाहिशें

Romance

दिल में मेरे वो साथ जीने और मरने की ख़्वाहिशें भी जगाए रहता है।

1    10 3

बारिश की बूँदें !

Romance

वो कभी तुम्हारी ही तरह मेरी इन पलकों, पर ठहर जाती है !

1    48 5

एक सच

Romance

महका-महका सा और जब धीमे से मैं गुनगुनाता हूँ तुम्हारा वो नाम

1    209 6

अकेला छोड़ जाती हो

Others

रोज रोज मेरा साथ देने के नाम पर तुम कुछ देर मुझसे मिलने भी चली आती हो

1    33 7

ख़ामोशी

Others

आँखों में समाई नमी जाने कितने समंदर छुपाये होती हैं अपने अंदर अक्सर,

1    93 7

भयहीन प्रेम

Others

चिर काल से ही प्रेम में उत्थान पाये अस्तित्व ही जी पाये हैं

1    51 6

ख्वाहिशें

Romance

तुम्हारी जिद्द इन बूंदों को पकड़ लेने की मेरी जिद इन बूंदों में साथ तुम्हारे भीग जाने की

1    29 5

सपने नए !

Romance

कुछ बूँदें आस की चलक ही आती हैं मेरे चेहरे पर भी मेरे लिए तुम उन बूंदों की ठंडक हो।

1    14 5

ख़्वाब अधूरे

Romance

कुछ देर बैठो मेरी हाथों को थाम कर मैं लौटा दूँगी तुम्हें जीने का एहसास, मिल जायेंगे तुम्हें सारे सवा...

1    207 5

अभिव्यक्त भावनाएं !

Abstract

भावना जिसे व्यक्त करने के लिए शब्द कम पद जाते ,कभी कभी ये मुस्कान ,कभी आंसू कभी बीएस कल्पना होते। ....

1    239 5

प्रेम

Romance

प्रेम के बीज अब मैं बोने चली हूँ नामुमकिन को मुमकिन करने चली हूँ

1    9 4

फिर क्यूँ परेशां हूँ मैं

Others

सब कुछ तो है पास मेरे आस, सांस, ज़िन्दगी फिर क्यूँ परेशां हूँ मैं

1    67 2

वस्ल का जादू

Romance

जब तुझ से बिछड़ कर, पाँव जब छलनी थे और वफ़ा घायल तब भी जाने क्यों तेरी याद आई

1    256 4

पिता

Inspirational

हमारे दर्द और ज़ख्म जो हर लेता हैं , तुझ में और मुझ में जो अपना जहां देखते हैं वो हैं पिता

1    5 0

एक शख़्स

Romance

चाहे वो कितना भी दूर हो ..दिल में तो वही बसता है और इस दिल की आस भी वही है

1    195 4

तुम्हारा जन्मदिन !

Romance

अपना दिल एक और बार दे दूँ तुम्हे , लेकिन धड़कता तो है तुम्हारे नाम से ही वो।

1    151 4

वो पालक पिता होता है।

Abstract

कैसी ही परिस्थिति पैदा हो जो उनसे जूझता ही रहता है वो कोई और नहीं बल्कि हमारी शोहरत की वो...

1    234 4

जून की बारिश

Others

तुम और मैं तब तक भीगे जब तक तपती धरा को बादल बरस कर हरी ना कर दे !

1    73 5

तेरी याद

Romance

मुझे चिढ़ाने के ख़ातिर चाँद के साथ अठखेलियाँ करती है

1    90 5

सुना था !

Romance

एक से नहीं रहते दिन-रात, एक सी नहीं रहती कायनात, एक सिर्फ ऊपर वाले के सिवा एक सा कोई नहीं...

1    71 3

विवेकानंद !

Others

राष्ट्रहित में किये जिसने अर्पित अपने तन-मन-प्राण

1    26 4

मेरे हमसफ़र तुम हो !

Romance

तुम को सदा सर झुका कर ही पढ़ा है मैंने जैसे आसमां से उतरा कोई फरिश्ता तुम हो

1    92 3

पिता !

Abstract

जिनकी रगों में ज़ज़्बों का अविरल दरिया बहता रहता है वो कोई और नहीं बल्कि हमारे वज़ूद की वो...

1    25 3

मैं मुकम्मल हो गई हूँ !

Romance

बरसता है जो बे-मौसम ही अक्सर , मैं उस बारिश में जल थल हो गई हूँ।

1    34 4

एक सितारा टूट कर

Drama

जोरों जोरों से बिलखने लगा था !

1    20 0

राजकुमारी मेरी आँखें !

Others

तन्हाई में भी कितने ख़्वाब सजाती है ऑंखें बुझ सकती नहीं रंज की मारी मेरी आँखें,

1    249 4

लहज़े को नर्म करो !

Romance

इश्क़ को तुम दिल में बसाओ फिर उसकी धड़कनों पर कब्ज़ा करो,

1    48 3

प्रीत और प्रेम

Romance

प्रीत प्रेम से अँखियाँ लड़ाती रही और मैं अपने आप में मुस्कुराती रही

1    1 0

वर्तमान

Others

ये कलियाँ और फूल अगर आने वाला कल है

1    25 3

एक बूंद हूँ !

Others

खुशियाँ दूसरे पलड़े में मैं अपनी जान रखता हूँ किसी से क्या उस रब से भी कुछ नहीं म...

1    67 4

बारिश की बूंदें !

Romance

कितना कुछ ये मुझमें बोती रहती है , मुझे स्त्री होने का एहसास कराती है ;

1    274 4

स्याही

Inspirational

जो दीखता है उस पर यकीन नहीं जो न दिखे उस पर आस्था है

1    319 5

मोहोब्बत जमीं की !

Tragedy

मोहब्बत जमीं की होकर भी दहलीज़ के अंदर रुकी हुई है !

1    189 4

प्रीत सवाल करती है !

Romance

कहाँ थे एक से हालात मेरे दिल-ओ-जाँ के तेरा मेरे होने से पहले तेरा मेरा होने के बाद

1    110 5

मैं तो उसके पास थी !

Abstract

वो कौन था जिस के लिए मेरे दिल में प्यास थी !

1    171 6

तेरे साथ चलती हूँ !

Romance

इश्क़ और मोहब्बत से चिढ़ने वाला ये जहान जल-भून जाता है !

1    35 4

मैं हिद्दत में जलने लगी हूँ !

Romance

तेरे प्रेम की झमाझम बारिश में नहाने चली हूँ !

1    272 5

तेरा दिल बड़ा है !

Drama

मैंने सुना है तेरा दिल कहीं ज्यादा बड़ा है !

1    28 4

तुम्हारे इश्क़ की बूंदें !

Romance

तभी तो मैं हरी-भरी तुम्हारे प्रेम की चादर ओढ़ती हूँ

1    68 3

तू आ जा !

Romance

कब से विरान है दिल मेरा कि अब तो तू आ जा।

1    281 4

तू आ जा !

Romance

कब से विरान है दिल मेरा कि अब तो तू आ जा।

1    270 2

तेरी आदत है हमें !

Others

यूँ तो कई आफ़ताब है इस जहाँ में मगर एक उसी सितारे से मोहब्बत की इजाज़त है हमें

1    7 4

वजूद का हिस्सा !

Romance

वो चाहता तो कई सितारे तराशता मुझ से शायद उसे सितारे पसंद नहीं वरना वो यूँ दूर न रहता मुझ ...

1    59 6

तुम अगर सुनो !

Romance

तुम अगर सुनो, तो मैं फूलों को अपने लफ़्ज़ों में लिख सकता हूँ !

1    170 8

सुन !

Romance

सुन, तू आ और आकर सर पर मेरे अपने प्यार का वो आसमान कर दे !

1    311 39

वजीर और ज़मीर !

Tragedy

ना शतरंज का खेल खत्म होता है ना ही इंसानों की जिंदगी खत्म होती है

1    324 26

जन्मदिन !

Others

जैसा विधाता ने लिख कर भेजा होता है, उसका भाग्य जिसे करना ही होता है,

1    65 8

घूर्णन गति परिक्रमण गति !

Romance

तुम जब जब होती हो दूर तब त्वरित गति से फैले प्रकाश को अंधेरा अपना आवरण उढ़ा देता है

1    24 6

माँ !

Abstract

क्योंकि माँ नुमा ये जिल्द अपने पन्नों, को कभी बिखरते हुए नहीं देख सकती है !

1    95 9

रिश्ते नाते

Others

खिले हैं गांवों में भी, नफरत के फूल धीरे-धीरे

1    47 3

मैं तुम्हे सदैव पुकारना चाहता

Drama

मैं तुम्हारे नाम का अनुवाद करना चाहता हूँ, संसार में बोली जाने वाली समस्त बोली जाने वाली भा...

0    1 39

मैं तुम्हे सदैव पुकारना चाहता

Drama

मैं तुम्हारे नाम का अनुवाद करना चाहता हूँ, संसार में बोली जाने वाली समस्त बोली जाने वाली भा...

1    41 4

मिटटी, धूप और पानी !

Drama

स्त्री को मिट्टी, पुरुष को धूप प्रेम को पानी, होते हुए देखा है मैंने !

1    51 8

खामोश मोहोब्बत !

Romance

वो खामोश मोहब्बत, लफ़्ज़ों में बयां हो पाती है !

1    62 8

अंधेरों को कोसते लम्हे !

Drama

तब थरथराते हुए, वज़ूद दुआओं में लीन, होकर ख़ुदा को आवाज़ देते है !

1    48 7

पल दो पल की बात है !

Inspirational

फिर क्यों उदास होते हो तुम; बे-सबब क्यों परेशाँ होते हो तुम !

1    83 8

ये भी जरुरी नहीं

Inspirational

जीओ ऐसे जैसे आने वाला दिन अच्छा दिन ही होगा !

1    51 5

ऐ इश्क़

Romance

मेरी बात मानो ये दिल मेरा एक कोरी किताब सही मगर इस में चाहतों की कोई कहानी ना लिखना तुम।

1    70 8

कविताएँ सब समेटती है !

Drama

हमारे दिल का आईना भी !

1    279 62

मानवता ने चुप्पी साध ली है !

Tragedy

और कितनी माओं को अभी अपनी जान गँवानी है !

2    398 40

मोहब्बत भी अजीब होती है

Romance

कभी कभी तो बस आप अपनी, ही रक़ीब होती है ये मोहब्बत...

1    438 63

मैं मोहब्बत करता हूँ !

Romance

और सच ये है कि मैं तुम्हें, बेइंतहा मोहब्बत करता हूँ !

1    314 47

तुम्हारे हाथों को थामकर !

Romance

तुम्हारी धड़कनो को अपने सारे के सारे सुर दे दूंगा मैं एक दिन तुम्हारी पलकों को अपने होंठो स...

1    34 7

पागल बना गयी तुम

Romance

देखो ना मुझे खबर भी ना हुई, और सब कुछ मेरा चुरा ले गयी हो तुम !

1    379 28

शब्द शब्दों में तलाशते मुझे है

Abstract

तब दूर कहीं सन्नाटे के जंगल में सुनाई देता है मुझको

1    61 6

एक नयी प्रेम कविता !

Abstract

सियाही जब कलम की उतर आती है, तेरी काया पर तब मैं ही अपने लिखे;

1    59 5

तुम्हारी याद आती है !

Romance

पर... तुम ये बताओ मुझे इतना सब होते हुए, देखने के बाद भी क्या तुम्हे याद नहीं आती; मेरी...।

1    287 53

प्रेम पूर्ण है प्रीत तृप्त है

Romance

प्रेम पूर्ण है प्रीत तृप्त है !

1    274 39