Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
बड़ी हो गयी है कितनी
बड़ी हो गयी है कितनी
★★★★★

© Parul Chaturvedi

Inspirational

1 Minutes   12.7K    5


Content Ranking

अभी तो आयी थी गोदी में

अभी तो पहला कदम चली

अभी तो बोली थी बस ' मम्मी '

अपनी भाषा में तोतली

 

चुपचाप चली जाती है अब

आँखों में नींद भरे अपनी

दूर वो मुझसे जाते में

अब नहीं मचलती है उतनी

 

झिलमिल करती आँखें उसकी

उस पर पलकें भी घनी-घनी

ओढ़ दुपट्टा मेरा सर पे

बोली मैं दुल्हन हूँ बनी

 

आज बनी है खेल-खेल में

कल बनेगी वो दुल्हन असली

यूँ ही एक दिन आ जायेगा

जब वो छोड़ चलेगी मेरी गली

 

देख नहीं पाउँगी पल-पल

फिर मैं सूरत उसकी ये भली

टोक नहीं पाउँगी उसको

फिर बात-बात पे घड़ी-घड़ी

 

अब तक जो हर काम को अपने

मुझ पर थी निर्भर वो रही

फिर भूल जाएगी माँ को वो

रम कर अपनी दुनिया में कहीं

 

काश संजो के रख पाती

हर इस पल को अपने पास कहीं

यादों को भर लेती नैनों में

पल-पल जो मुझसे छूट रहीं

 

भाग रहा है तेज़ गति से

ये वक्त है कि रुकता ही नहीं

ले जायेगा बचपन उसका

मैं रह जाउँगी यहीं कहीं

 

पीठ पे बस्ता टाँग के अपना...

बेटी मां बचपन

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..