Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.
Read #1 book on Hinduism and enhance your understanding of ancient Indian history.

Bhawna Kukreti

Others


4.8  

Bhawna Kukreti

Others


"कोरोना लॉकडाउन-19(आपबीती)"

"कोरोना लॉकडाउन-19(आपबीती)"

4 mins 111 4 mins 111

आज सुबह सुबह जुल्फिकार भैया का फोन आया।गहरी नींद में थी शायद दो तीन बार पहले भी आया होगा। ख़ैर उनको महीने का किराया देना था ।वे हमारे ऑटो के ड्राइवर हैं। सब दे चुके थे बस हमारा बकाया था क्योंकि बेड रेस्ट पर थी। 

हमेशा मुस्कराते रहते हैं,बच्चे जैसे।मुझे सीढ़ी चढ़ना उतरना मना है।मम्मी जी किराए को अखबार के कागज में लपेट कर बालकनी से नीचे गिराने को कह रहीं थीं।मुझे सच कहूं अच्छा नहीं लगा।बेटे जी फ्रेश हो रहे थे तब गुड्डी को कहा कि वो जा कर दे आये।बाद में मम्मी जी कहा कि उनका वो इरादा सोशल डिस्टनसिंग के लिए था।जब जुल्फिकार भैया आए तो बालकनी तक गयी और पूछा घर पर सब ठीक ठाक है न ? हमेशा की तरह हंसते हुए बोले जी सब ठीक है।


दही चिवड़ा के नाश्ते के बाद दवा ली। आज अभी तक मैंने इनको फोन नहीं किया है।जानबूझ कर नहीं किया है।जब वादा तोड़ देना है,कहना नहीं याद रखना है तो क्यों मैं हर बार पहल करूं। इनका फोन आ रहा है रिसीव कर लूं कहीं कट न जाय।


ही ही, नहाने जा रहे थे जब इन्होंने कॉल किया।मैने जानबूझ कर मम्मी जी को सामने कर दिया था की आज आप बात करो और समझाओ। ख़ैर ,सहारनपुर में 10 मामले और आ गए है कोरोना पोसिटिव के । मम्मी जी ने सुनते ही माथा पीट लिया।और इनको कस के डांट लगाई की जब जाना ही है तो ढंग से सर आंख क्यों नहीं ढकते? इतने बड़े हो गए लड़कपन नहीं जा रहा । मुझे दया आ गयी। चुपचाप सुन रहे थे फिर बोले ठीक है ,मैडम जी और लड्डू जी कहाँ है? बेटे जी का स्कूल का काम इनके व्हाट्सएप्प पर आता है तो बस उतना ही कहा ,'समय से उसका काम भेज देना।' देख देख कर बस हंसते रहे। फिर बेटे जी ने भी कहा कि "पापा प्लीज़ ध्यान रखिये, प्लीज़।"


अभी टी आई ए (टीचर इन्नोवेशन अवार्ड) से फोन आया कि मुझे एक फॉर्म भेजा है ,उसमे अपने नवाचार भेज दूं, जितने चाहूँ भेज दूं। सो फिलहाल दो भेज दिए।टी कॉन ग्रुप में भी मेसेज आया है कि लेसन प्लान बन गया हो तो कल के डिस्कशन में रखें।मेरे से तो बैठा भी नहीं जा रहा कैसे पूरा करूं। स्टोरी मिरर से किसी यादव जी ने व्हाट्सअप किया है, जनाब का चेहरा नहीं दिख रहा पता नहीं फर्जी है या वाकई स्टोरी मिरर से है, कहीं कोई हैकर तो नहीं सो फिलहाल ब्लॉक कर दिया है।अभी पूरा नाम जानने के लिए फिर चेक किया कोई बुक की तस्वीर है।अनब्लॉक किया है ,देखते हैं।


आज ड्राइंग रूम में सोफे की लोअर कुशनिंग हटा कर लेट गयी हूँ। घर मे सबसे जुड़ी हुई फील कर रही हूँ। सामने टी वी चल रहा है।चीन में कोरोना फिर उठ रहा है।मम्मी जी परेशान हो गई हैं।कह रही हैं कि हे भगवान खत्म कर दो कोरोना को।मुम्बई का सुन देख रही हूँ ,रेड जोन घोषित हो गया है ,दिल्ली का भी यही हाल है शुक्र है कुछ दिन से उत्तराखंड में एक भी केस नहीं निकले कोरोना के।फिलहाल अभी बेटे जी लेप्पी पर से काम देख कर कर रहे हैं। 

आज पैर और कमर में बहुत दर्द होनेलगा है।बेटे जी ने मलहम लगाया है और हॉट वाटर बोतल दी है।मैने उस दिन गलती तो नहीं कर दी डॉक्टर से पैर उठाने को लेकर नहीं बताया।आज शाम पक्का फोन करूँगी।बर्दाश्त नहीं हो रहा।


एक के बाद एक रोग लग रहा।पहले चलते समय बैलेंस बिगड़ा।फिर दोपहर आज लेटे लेटे सर घूमने लगा, हल्का सा चक्कर आया । और रात 8 बजे के आस पास अचानक ही इतनी तेजी से सब घूमता लगा कि जाने कितनी बार "मम्मी मम्मी "कह कर चीखी।बहुत भयानक सा अनुभव था। मम्मी जी भागी भागी आयी। बेटा सामने खड़ा बोल रहा था "क्या हुआ माँ " पर मैं सब, बहुत तेजी से , बुरी तरह घूमता महसूस कर रही थी। उफ़्फ़ क्या मुसीबत आयी है। न तन मे सुख न मन में सुख। डॉक्टर साहब का भी फोन डिस्कनेक्ट हो रहा था।किस दवा का साइड इफ़ेक्ट तो नहीं?


आज हालत ठीक नहींं लग रही।आज बस इतना ही।



Rate this content
Log in