Rashmi Sinha

Others


2  

Rashmi Sinha

Others


इमोजी

इमोजी

2 mins 2.8K 2 mins 2.8K

संयम का जन्मदिन है। सुबह ही उसके मोबाइल पर उसकी भावना दीदी की ओर से केक का फोटो आ गया जिस पर जन्मदिन की बधाई लिखा हुआ है। परन्तु संयम का मन दुखी हो गया है। दरअसल उसे दीदी के फोन का इंतजार है। वो समझता है कि शादी के बाद दीदी परिवार और नौकरी के बीच काफी व्यस्त हो गई है। कुछ वर्षों पहले उसके जन्मदिन पर सबसे पहले दीदी का फोन आता, यानि कि फोन से उसकी निंद खुलती। फोन उठाते ही दीदी कहती ॒

"मेरे प्यारे भैया को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई।" फिर बहुत सारेआशिर्वाद की झड़ी लगा देती। फिर चिढ़ाती कि कांव कांव करते जन्म लिया है, यदि नींद खुल गया है तो शुरू हो जा कांव कांव। इतना कहना कि मैं नाराज हो जाता और वो हँसती। उसके बाद हम दोनों हँसते। उसके बाद और भी रिश्तेदारों का फोन आता। मैं वी आई पी की तरह व्यस्त हो जाता। मेरा तो ब्रश करना मुश्किल हो जाता।

मेरे चाचा एक घटना ज़रुर याद करते कि अपने तुषार मामा से फोन पर बात करने के चक्कर में टिफिन छोड़ कर चले गए थे। "देखना उसका

फोन आयेगा तो, फिर हम दोनों हँसते। और तेरी बुआ तो केक काटना मुश्किल कर दी थी। उस समय मैं सम्हाल लिया। मैंने कहा मैं तो अभी जन्म

लिया हूँ। अभी भी आपको ही सम्हालना है।" उसके बाद की हँसी मेरे जन्मदिन का खूबसूरत तोहफ़ा हो जाता। अब सभी का फोन पर मैसेज आ जाता है। खुद भी सोशल मीडिया पर अपडेट रहता है। अपने हरेक गतिविधियों का और तरह तरह के पोज़ में फोटो अपलोड करता है। उसकी भावना दीदी अंगूठा दिखा देती या फिर इमोजी आ जाता। एक दिन संयम ने मैसेज में लिखा कि, कुछ तो बोलो। उधर से उत्तर आया, very nice pic.

संयम सिर पकड़ लिया। उसका दिल किया कि इमोजी को पकड़ कर रोये। पहले दीदी के पास मेरे लिए कितने प्रश्न होते, कितनी बातें होती तब मुझे महसूस होता कि दीदी के जीवन में मेरा स्थान है। अपनों का आवाज़ में मिठास ला देती है। हां वो फोन करके बातें कर लिया करता है खास कर त्योहारों पर या विशेष अवसरों पर सामने से फोन करके अपनी भावनाएं व्यक्त कर देता है। परन्तु आज उसके जन्मदिन पर उसे अपेक्षा है कि अपनों का फोन आये। उसे आज महसूस हो रहा है कि सांकेतिक भाषा में बातें होने से रिश्ते भी सांकेतिक हो गयें हैं या फिर इमोजी बनकर रह गए हैं।



Rate this content
Log in