STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Children Stories Inspirational Children

3  

Amit Singhal "Aseemit"

Children Stories Inspirational Children

भरोसा

भरोसा

1 min
172

  यह बात मेरे स्कूल के दिनों की है। मेरे स्कूल में मेरा एक दोस्त राहुल मेरी नोटबुक्स अक्सर अपने नोट्स पूरे करने के लिए अपने घर के लिए, मुझसे मांगकर ले जाता था। 


   एक बार की बात है, मैं बहुत बीमार हुआ। कई दिनों तक मैं स्कूल नहीं जा पाया। तो मैंने कई दिनों तक क्लासेज मिस कर दीं और मेरे नोट्स का काम पिछड़ गया। 


   मगर एक दिन राहुल अपने पिताजी के साथ मेरे घर मुझसे मिलने आया। 


   राहुल बोला,


   "भाई, तू चिंता मत कर। जब तक तू ठीक नहीं हो जाता, मैं तेरे नोट्स पूरे करूंगा, तू मुझे अपनी सारी बुक्स, नोटबुक्स समेत अपना पूरा बैग दे दे।" 


   मैंने न जाने क्या सोचकर राहुल को अपना सारा सामान दे दिया। मगर कहीं न कहीं, मुझे राहुल पर भरोसा था कि वह ज़िम्मेदार लड़का है। 


   जब मैं ठीक हो गया, तो राहुल मेरा सारा सामान लेकर मेरे घर आ गया। तब जैसा कि मुझे भरोसा था, मेरी सभी नोटबुक्स में नोट्स पूरे थे और सभी नोटबुक्स अप टू डेट थीं।


Rate this content
Log in