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जमाने समझने के लिए बहुत कुछ हैं फितरत धूल अनजाने खुद पर कोई समझना नहीं चाहता..... जोकर परवरिश लोग मज़ाक गलतफहमी कहते यारों दर्द तमाशा कहूँ हिन्दी कविता जिंदगी हिम्मत

Hindi समझने Poems