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प्रतिभा उवाच ज़िन्दगी गुनगुनाने लगी हूँ जीने धरती मुस्कुराने दिल की लगी तमन्ना नभ खो गया अस्तित्व है प्रतिभा द्विवेदी मुस्कान©✍️ शादी तन्हा धरती किरणों से लगी चोट दिल की बात सूर्योदय चाहत अफेयर

Hindi लगी Poems