सदियों पहले दफ़न हुआ मैं पहले सड़ा फिर गंधाया सदियों पहले दफ़न हुआ मैं पहले सड़ा फिर गंधाया
सबके देह की गंध अलग–अलग है सबके देह की गंध अलग–अलग है
ओढ़ ले चादर अगर वह धूप के साये में आकर ओढ़ ले चादर अगर वह धूप के साये में आकर