कलयुग में करूं पुकार यही, प्रदूषित न करो यदा कदा। कलयुग में करूं पुकार यही, प्रदूषित न करो यदा कदा।
मेरे दिल से बस एक ही आवाज आती है भारत तुझे सलाम, भारत तुझे सलाम। मेरे दिल से बस एक ही आवाज आती है भारत तुझे सलाम, भारत तुझे सलाम।
सब के सब तब प्रसन्नता से चले अपने अपने स्थान पर। सब के सब तब प्रसन्नता से चले अपने अपने स्थान पर।
यमुना यमुना
करो फर्क ना कभी एक ही माँ की सन्तान में। करो फर्क ना कभी एक ही माँ की सन्तान में।
इंद्र जब क्रुद्ध हुए बारिशों का दौर हुआ ऊँगली पर गावर्धन धरा घमंड इंद्र का चूर हुआ। इंद्र जब क्रुद्ध हुए बारिशों का दौर हुआ ऊँगली पर गावर्धन धरा घमंड इंद्...