दिल के अंतस से उपजी एक कविता..... दिल के अंतस से उपजी एक कविता.....
संग कैसे द्वय को तुष्ट करें संग कैसे द्वय को तुष्ट करें
कभी शक्ति रूप में रक्तबीज कोरोना का संहार करो। कभी शक्ति रूप में रक्तबीज कोरोना का संहार करो।
देखी नहीं नींव जब तुमने करते क्यों आधार की बातें ? भूल गए हो कैसे तुम अपने अधिकार की बातें ? देखी नहीं नींव जब तुमने करते क्यों आधार की बातें ? भूल गए हो कैसे तुम अपने अधिका...
दूसरा लोक व्यवहार नेग रिवाज की भी भरपाई। दूसरा लोक व्यवहार नेग रिवाज की भी भरपाई।
यह सोचा बढ़ गया मैं आगे न देखा सींग था वो ताने देख के मेरी नेकी यह सोचा बढ़ गया मैं आगे न देखा सींग था वो ताने देख के मेरी नेकी