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सुकून हमेशा मंजिल ही जीती जाती परिष्कृत रूप मनुष्य तकनीक निगाहें साथी स्वभाव प्रेम कर्तव्य संग आंसू नजर ढलने पल रार से भली हार भाव सदा परमार्थ का डर सहायता

Hindi अनुरूप Poems