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बीती असफलताएं पद दो संस्कृतियों विद्या समाज में उजियारा सात जन्म हैं रहते साथ खुशियां ही बांटें जिज्ञासु-ज्ञान पिपासु रहें आदर्श सपूत वर्तमान बहुमुखी प्रतिभा वचन निभाते आजीवन खुशियों के संग गम दो कुलों का यह पावन संगम काल्पनिक समस्याएं पथ प्रदर्शन अनुकरणीय हो निज आचरण भरपाई कमाई

Hindi अनुकरणीय Poems