वो समय
वो समय
1 min
194
एक समय था जब बच्चे सिर्फ बच्चे हुआ करते थे
आंगन बड़ा जहाँ वो नए सपने संजोया करते थे,
आज अपनी खिचड़ी अलग ही पकाया करते हैंI
खाना कहीं भी बने हो संग- संग खाया करते थे,
भंडारा खाने के लिए लंबी लाइन लगाया करते थे,
कहाँ वो दिन आज तो सब ईद का चाँद लगता हैI
सब मिलकर बच्चों का प्यारा नाम रख लिया करते थे
बच्चों के नाम गोलू , मोलू ही सभी को अच्छे लगते थे,
आज नाम रखना नाकों चने चबाना जैसा लगता हैI
