उड़ गए तोते
उड़ गए तोते
1 min
316
सूरज की पहली किरण अबकी बार ऐसी निकली
खुशियों के परिंदे चहचहा उठे
ख्वाबों की तितलियां उड़ने लगी
मन मयूरा नाचने लगा
पीली पड़ी मुरझाई सी तमन्नाओं की पत्तियां
फिर से हरी होकर मुस्कुराने लगी
खिल्ली उड़ाया करते थे जो कभी
आज यू देख कर मुझे उनके भी
"उड़ गए तोते"।
