STORYMIRROR

Anju Agarwal

Others

4  

Anju Agarwal

Others

तुम बेटी हो हमारी

तुम बेटी हो हमारी

2 mins
435

तुम बेटी हो हमारी

दो घरों की प्यारी 

तुम ही से महकेगा घर आंगन 

तुम्ही से घर की फुलवारी बनेगी 

तुम्हीं से बढ़ेगा ये घर ये चौबारा 

तुम ही से आंगन की किलकारी बनेगी 

आकर के आंगन उजाला बिखेरो 

भले ही नाम बहू है तुम्हारा 

तुम बेटी हो हमारी...

 

अब तुम्हारी फिक्र दोनों घरों की है.. 

तभी तो सिर के पीछे चावल उछाल कर,

समृद्धि की कामना करती तुम, 

पांव के अंगूठे से तंदुल-कलश लुढ़काकर,

धन-धान्य से भरने आई हो घर..

भले ही नाम बहू है तुम्हारा,

पर तुम बेटी हो हमारी...

 

मां के घर में हंसी गूंजेगी तुम्हारी.

पर इस माँ के घर खिलखिलाना तुम! 

जब भी आए मां की याद ज्यादा,

दौड़कर माँ से मिल आना तुम!

और जब आए मुझे याद बेटी की,

आकर गले से लिपट जाना तुम!

भले ही नाम बहू है तुम्हारा..

पर तुम बेटी हो हमारी! 


एक बेटी गई दूसरी आ गई! 

मेरे घर में खुशी देखो फिर आ गई!

तुम मां के दिल का टुकड़ा हो,

एहसास हमें भी इतना है! 

अब इस माँ के दिल में रहना,

आरक्षित दिल का कोना है!

अपने पापा का मान हो तुम,

अपने भाई की जान हो तुम!

पापा का स्नेह यहां भी है.. 

हम सबका नेह यहां भी है

लूट लो सबके दिल का प्यार,

और बन जाओ सब के दिल की प्यारी!

 भले ही नाम बहू है तुम्हारा..

तुम बेटी हो हमारी! 


उस घर की सोन चिरैया तुम,

इस घर में नीड़ बना लेना!

हो घर का रोम-रोम पुलकित,

वो नेह सुगंध बिखरा देना!

जितना अपनापन लाओगी,

उससे दुगना तुम पाओगी! 

भले ही नाम बहू है तुम्हारा..

तुम बेटी हो हमारी!


महक मोहब्बत और बेटियां,

कब वहां रुकती हैं-जहां वो पलती है! 

दस्तूर है पूरी दुनिया का,

लड़कियां है तो सृष्टि चलती है..

नए जीवन की शुरुआत है ये,

लो हाथ हमारा थामो तुम! 

यही संस्कार है, यही परिवार है,

इस सत्य को हृदय से स्वीकारो तुम!

भले ही नाम बहू है तुम्हारा..

तुम बेटी हो हमारी!



Rate this content
Log in