Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Keshi Gupta

Others


3  

Keshi Gupta

Others


स्वतंत्रता

स्वतंत्रता

1 min 29 1 min 29

स्वतंत्रता के लिए जो वीर लड़े थे

झांकते हैं जब आज धरती पर

होते हैं मायूस बहुत

देखकर हालात यह सारे

स्वतंत्र भारत का यह बिगड़ा रूप

भ्रष्टाचार बेरोजगारी

चारों तरफ है मारामारी

फैली नफरत की आग भारी


आंखों से अश्रु बहते हैं

अंतर्मन में प्रश्न उठते हैं

क्या इसके लिए लड़े थे हम ?

कहां गई ईमानदारी ?

खो गई क्यों जिम्मेवारी?

छल कपट लूट लपट का

खेल यह कैसा ?

स्वतंत्रता का नहीं मोल जरा सा


सही मजा स्वतंत्रता का तब है

जब जागरूक हो जनता सारी

ना हो बात सिर्फ अधिकार की

कर्तव्य निष्ठा हो सब पे भारी

चाहे आवाम, चाहे नेता वो हो

देशहित बस सर्वप्रिय हो

अमन शांति की हवा चली

हर कोई जय हिंद कहे



Rate this content
Log in