भाला अर तलवार, धार जिणकी दोधारी। भाला अर तलवार, धार जिणकी दोधारी।
क्या इसके लिए लड़े थे हम ? कहां गई ईमानदारी ? क्या इसके लिए लड़े थे हम ? कहां गई ईमानदारी ?
अस्पताल बिस्तर की कमी दवाओं की मारामारी अस्पताल बिस्तर की कमी दवाओं की मारामारी
कुर्सी के लिए सारे ईमान बिक रहे, छल द्वेष में डूबे सब ही दिख रहे, कुर्सी के लिए सारे ईमान बिक रहे, छल द्वेष में डूबे सब ही दिख रहे,